नई दिल्ली: चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस 122 देशों में पहुंच गया है.इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 4600 को पार कर गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है. इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिख रहा है. भारत सहित कई देशों के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है. दुनिया भर की सरकारें इस वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं. जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है.
भारत में संक्रमण के 73 मामले
भारत में भी कोरोना से संक्रमण के 73 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. कोरोना ने अब तक 12 राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है. सबसे ज्यादा कोरोना के मामले केरल में आए हैं. यहां 17 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. इसके बाद में महाराष्ट्र में 11 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. यूपी में भी 10 कोरोना के मामले आए हैं. दिल्ली में 6 मामलों की पुष्टि हुई है.
- कोरोना से दुनिया भर में अब तक 4600 लोगों की मौत हो चुकी हैं.
- ईरान में अब तक कोरोना से 92 और दक्षिण कोरिया में 32 लोगों की मौत हो चुकी है.
- सियेटल में फेसबुक के एक इम्पलॉई में कोविड 19 का संक्रमण पाया गया है.
- सिर्फ इटली में ही अब तक कोरोना से 366 लोगों की मौत हो गयी है.
- चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 88,466 हो गयी है.
- चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 3200 हो गयी है.
- दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1,26,000 के पार चली गयी है.
कोरोना को काबू में करना बड़ी चुनौती
स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. वहां नए मामलों की संख्या घटी है. हालांकि, 122 देशों में कोरोना वायरस के केस मिलने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने इसे महामारी घोषित किया है.
122 देशों में पहुंचा यह वायरस
चीन से बाहर 122 देशों में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके क्या हैं.
क्या है कोरोना वायरस?
कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था.
क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.
चीन में सबसे ज्यादा असर
चीन में इस वायरस का बहुत ज्यादा असर पड़ा है. सबसे ज्यादा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है. लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था. 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे. इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था.
इनसान के बाल से 900 गुना छोटा है कोरोना
क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है. आकार में इस छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. इसका खौफ आज दुनियाभर में दिख रहा है.
इटली में स्कूल और कॉलेज 15 मार्च तक बंद
इटली में कोरोना वायरस से 366 मरीजों की मौत से लोगों और प्रशासन में दहशत है. इटली की सरकार ने सभी स्कूल और विश्वविद्यालय को 15 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है. इसकी वजह लोगों को भीड़ भाड़ वाली जगह पर जुटने से रोकना है.
पीएम मोदी की बांग्लादेश यात्रा रद्द
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने भी शेख मुजीब उर रहमान की जयंती का शताब्दी समारोह रद्द कर दिया है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह के मुख्य वक्ता थे और ऐसे में उनका बांग्लादेश दौरा रद हो गया है.