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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

बच्चों के मन से बोर्ड परीक्षा का भय और तनाव दूर करने के लिए एसवीएम नई टिहरी में आयोजित किया सेमिनार। वक्ताओं ने दिए अनेक उपयोगी सुझाव।


 बोर्ड परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के मन से परीक्षा की जटिलता का भय और तनाव दूर करने के लिए सरस्वती विद्या मंदिर नई टिहरी में आयोजित सेमिनार में विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अनेक सुझाव दिए गए। इस अवसर पर डायट नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल सहित अनेक वक्ताओं ने बच्चों का खूब हौसला बढ़ाया। 

  सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नई टिहरी में बोर्ड परीक्षार्थियों के मन से परीक्षा का भय व तनाव दूर करने के लिए आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल सहित अनेक गणमान्यजनों ने बच्चों को परीक्षा के बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए अनेक सुझाव दिए। कार्यक्रम का आरम्भ डायट प्राचार्य सीपी नौटियाल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के टिहरी विभाग प्रचारक राजपुष्प जी व विद्यालय के प्रधानाचार्य देवीप्रसाद नौटियाल द्वारा सरस्वती वंदना और दीपप्रजवलित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर डायट प्राचार्य द्वारा विद्यालय के विगत कई वर्षों के परीक्षा परिणामों की सराहना करते हुए गतवर्ष हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र गौरव सकलानी और राज्य मैरिट में स्थान प्राप्त करने वाले अन्य विद्यार्थियों का जमकर मनोबल बढाया। उन्होंने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड 19 ने जहां हमारे समक्ष अनेक चुनौतियां खड़ी की है वहीं हमे विषम हालातों में भी आगे बढ़ने के लिए नए नए तरीके भी सीखा दिए हैं। शिक्षण और अध्ययन में इन नए तरीकों के इस्तेमाल से परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नही होना चाहिए बल्कि विद्यार्थी के मन मे हर प्रकार से दक्षता का सृजन करना होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को एससीईआरटी के कैरियर कॉन्सिलिंग सहित जिज्ञासा पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं के निवारण के लिए भी प्रेरित किया है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों की तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही उनसे एक सीमा के भीतर ही उनसे अपेक्षा रखे। बच्चों की क्षमताओं का भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के टिहरी विभाग प्रचारक राजपुष्प जी ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए साथ अच्छे संस्कार देना आवश्यक है। उन्होंने कहा है कि संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए विद्या भारती के विद्यार्थी भारतवर्ष ही नही दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सफलता शिक्षकों की मेहनत के साथ ही अभिभावकों के योगदान पर ही निर्भर करती है। 

 कार्यक्रम में प्रधानाचार्य देवीप्रसाद नौटियाल ने बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यालय की तैयारियों की प्रगति से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर अभिभावक संघ के नवनियुक्त अध्यक्ष व अधिवक्ता राम स्वरूप जोशी, डायट के प्रवक्ता शुभराल सिंह नेगी , विद्यालय के उप प्रधानाचार्य दिनेश बहुगुणा आदि ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मंच संचालन विद्यालय की शिक्षिका रेखा डोभाल ने किया।

1 टिप्पणी:

  1. कोरोना काल में आगामी बोर्ड परीक्षाएं एवं अन्य परीक्षाओं देखते हुए विधार्थियों में तनाव होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। जिसका कारण हमारी शिक्षण प्रणाली मूलतः कक्षाओं पर आधारित है। जिसमें शिक्षक सामने खड़े होकर पढ़ाते थे और विधार्थियों की गतिविधियों पर ध्यान भी रखते थे। इसमें विधार्थी अपने प्रश्नों के उत्तर सामने खड़े शिक्षक से पाते थे। लेकिन लाॅकडाउन के कारण स्थितियों में एकदम से बदलाव आ गया। अब शिक्षण प्रक्रिया ओनलाइन हो गयी।
    परिवर्तन मुख्यतः हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अन्य विकल्प (रास्ते) प्रस्तुत करता है जिसका प्रत्यक्ष दर्शन हमने कोरोना काल में देखा है।
    कोरोना काल अपने आप में एक लैसन (शिक्षा) है। जिसे विधार्थियों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
    जीवन सबसे मूल्यवान है जो हमने जाना।
    एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील होना।
    स्वच्छता का मूल्य जाना।
    प्रकृति के संरक्षण में रहकर ही हम सबका जीवन सुरक्षित है।
    अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
    अपनी दिनचर्या नियमित रखें।
    योगाभ्यास एवं प्राणायाम का अभ्यास करें।
    परीक्षा आपका अपना स्वयं का मूल्यांकन है प्रसन्नचित्त रहकर ही आप अपना वास्तविक मूल्यांकन कर सकते है।

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