विद्या भारती द्वारा संचालित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नई टिहरी शीघ्र ही सीबीएसई से संबद्ध होने जा रहा है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य देवी प्रसाद नौटियाल ने विद्यालय विकास हेतु समस्त अभिभावक माताओं से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए अपना अमूल्य योगदान देने का आवाहन किया है मातृशक्ति को विद्यालय की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मातृभारती नामक समिति का गठन किया गया है। इस मौके पर नगर की अनेक महिलाओं ने विद्यालय के शैक्षिक उन्नयन के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए हैं।
नई टिहरी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज अगले सत्र से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी सीबीएसई द्वारा सम्बद्ध होने जा रहा है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य देवी प्रसाद नौटियाल ने बताया कि समय की जरूरत और देशभर में पाठ्यक्रम की समरूपता को देखते हुए विद्यालय ने सीबीएसई से सम्बद्धता लेने का निर्णय किया है और इसके लिए विधिवत प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है। सीबीएसई की मान्यता के लिए विद्यालय सभी मानक पूरे करता है और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय सीबीएसई से मान्यता प्राप्त कर लेगा।
यह जानकारी विद्यालय के छात्र-छात्राओं की अभिभावक माताओं की एक बैठक में देते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक का अत्यंत योगदान होता है और किसी भी बच्चे के लिए मां उसकी पहली शिक्षक होती है। मां अपनी जीवन पर्यंत अपने बच्चों को ऐसी बेमिसाल शिक्षा देती है जो दुनिया में कोई अन्य शिक्षक नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा दीक्षा के साथ ही महिलाओं का योगदान समाज और राष्ट्र निर्माण में आदिकाल से रहा है और बच्चों के साथ मां का अटूट संबंध होता है। बच्चों की भावना, उनके गुणों और उनकी समस्याओं को मां से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। इसलिए अभिभावक माताओं को विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन के लिए विद्यालय और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाना बहुत आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यालय में मातृभारती नामक समिति का गठन किया जा रहा है।
इस मौके पर विद्यालय की शिक्षिका रेखा डोभाल में ने कहा कि महिलाएं आज समाज व राष्ट्र में एक सजग प्रहरी के रूप में अपनी बेहतर भूमिकाएं निभा रही है और मातृशक्ति को विद्यालय की मुख्यधारा के साथ जोड़ा जाना एक अनोखा नवाचार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रति माता पिता और शिक्षकों के साथ ही समाज और समुदाय का भी बड़ा उत्तरदायित्व होता है। बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार दिए जाने जरूरी है और इस रूप में महिलाएं क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं। इस मौके पर सर्व सहमति से विजयलक्ष्मी उनियाल को अध्यक्ष, संगीता सेमवाल उपाध्यक्ष, संगीता नौटियाल मंत्री, लक्ष्मी कुमाई सह मंत्री, विजयलक्ष्मी नौटियाल कोषाध्यक्ष, और रेखा डोभाल को सचिव चुना गया। जबकि रजनी शाह, सरोजिनी देवी, सुचिता चौहान, सुनीता राणा, गुटमा देवी, सरोजिनी नेगी, आशा चमोली, आदि को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की पदाधिकारियों ने विद्यालय परिवार के इस अनोखे प्रयोग की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। मातृभारती समिति की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी उनियाल ने कहां है की समिति विद्यालय और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने सभी अभिभावक माताओं से मातृभारती के माध्यम से विद्यालय की मुख्यधारा से जुड़ने का आग्रह किया है। इस मौके पर समिति के पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय के विकास के लिए अनेक सुझाव प्रधानाचार्य और शिक्षकों को दिए हैं। समिति की अगली बैठक सितंबर माह में आयोजित की जाएगी। मातृभारती Whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए (केवल महिला अभिभावक) यहां क्लिक करें। ग्रुप पर जुड़कर अपना पूरा परिचय दें। परिचय न देने वाले सदस्यों को ग्रुप से हटा दिया जाएगा।
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