नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (एनएपीएसआर) ने बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि विभाग के संज्ञान में मामले आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। एसोसिएशन ने सीईओ आशा रानी पैन्यूली का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान के नेतृत्व में अभिभावक सीईओ का घेराव करने पहुंचे। आरिफ खान ने कहा कि डांडा लखौड़ के सोमनाथनगर स्थित एक विद्यालय में दो सौ छात्र पढ़ते हैं। उन्होंने स्कूल को बिना मान्यता चलाने का आरोप लगाया। खान ने कहा कि इसे लेकर पहले भी लिखित शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन उनके शिकायती पत्रों को तवज्जो नहीं मिली।
अभिभावकों के अनुसार जब उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में कराया तो उन्हें सीबीएसई मान्यता के बारे में झूठी जानकारी दी गई थी। लेकिन अब मालूम हुआ है कि विद्यालय के पास सीबीएसई की कोई मान्यता ही नहीं है। जबकि अब अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम के तहत सभी विद्यालयों के लिए अलग-अलग मान्यता लेना जरूरी है। एसोसिएशन ने विद्यालय और उसके संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। एसोसिएशन ने विभाग के सुस्त रवैये पर सवाल उठाते हुए स्कूलों पर पूरी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि विभाग नोटिस देकर आगे की कार्रवाई भूल जाता है। सीईओ आशा रानी पैन्यूली ने संगठन को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नवीन लिंगवाल, महासचिव सुदेश उनियाल, शीला रावत, धमेंद्र ठाकुर, दीपचंद वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। साभार- दैनिक जागरण देहरादून।

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